📊अमेरिकी शेयर बाजार में मंगलवार को तेज गिरावट देखी गई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े शेयरों में भारी बिक्री हुई। Palantir जैसी बड़ी कंपनियां भी नुकसान में चली गईं।
📉 स्टॉक मार्केट में तेज गिरावट – AI शेयरों में बिक्री दबाव
💹 फ्यूचर्स में आई तेजी से गिरावट
मंगलवार के ट्रेडिंग सेशन की शुरुआत ही अमेरिकी शेयर बाजार के लिए नुकसानदेह साबित हुई। डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज के फ्यूचर्स 338 पॉइंट यानी 0.7% नीचे आ गए। वहीं, S&P 500 फ्यूचर्स में 1% की गिरावट दर्ज की गई। सबसे ज्यादा नुकसान Nasdaq 100 फ्यूचर्स को हुआ, जो 1.3% नीचे चले गए। यह गिरावट खासकर टेक्नोलॉजी और AI सेक्टर में निवेशकों के डर का संकेत देती है।
🤖 Palantir में 6.8% की बड़ी गिरावट
Palantir के शेयर में 6.8% की भारी गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट तब हुई जब कंपनी ने तीसरी तिमाही के परिणामों में अच्छा प्रदर्शन किया था और मजबूत उम्मीदें जताई थीं। Deutsche Bank के विश्लेषक Jim Reid का कहना है कि “कंपनी के परिणाम अच्छे थे, लेकिन बाजार को 2026 के लिए साफ दृष्टिकोण न मिलने से निराशा हुई।” इसके अलावा, Palantir का वैल्यूएशन बहुत अधिक है – स्टॉक forward earnings में 301 गुना ट्रेड कर रहा है, जबकि S&P 500 का औसत महज 25.7 गुना है।
📱 अन्य टेक जायंट्स भी नीचे आए
Palantir अकेली नहीं है जो नुकसान में चल रही है। Nvidia और Amazon दोनों ने 1% से अधिक की गिरावट दर्ज की। Meta Platforms और Google की मूल कंपनी Alphabet के शेयर भी लाल निशान में हैं। यह सीरीज़ दिखाती है कि निवेशक AI सेक्टर में अपना विश्वास फिर से जांच-परखना शुरू कर चुके हैं।
⚠️ व्यापक बाजार में कमजोरी के संकेत
सोमवार को S&P 500 और Nasdaq ने ऊपर की ओर प्रदर्शन किया था, लेकिन उसी दिन Dow में 200 पॉइंट से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई। सबसे चिंताजनक बात यह है कि 300 से ज्यादा स्टॉक्स लाल निशान में बंद हुए। यह दिखाता है कि बाजार की व्यापक बुनियाद कमजोर है और टेक स्टॉक्स में अत्यधिक केंद्रीकरण है।
💡 आगे का रास्ता – क्या उम्मीद करें?
इस हफ्ते 100 से अधिक कंपनियों के अर्निंग रिपोर्ट आने वाले हैं। मंगलवार को AMD, Uber, Spotify और SuperMicro के नतीजे सामने आएंगे। साथ ही, अमेरिकी सरकार की शटडाउन अब 35 दिन पुरानी हो गई है और यह इतिहास का सबसे लंबा शटडाउन बनने वाली है। इस स्थिति के कारण महत्वपूर्ण आर्थिक डेटा जारी नहीं हो रहा है, जिससे Federal Reserve और दूसरे निवेशकों को निर्णय लेने में मुश्किल हो रही है।
