Corona Remedies का ₹655 Crore IPO: छोटे सपने से बड़ी सफलता की कहानी
अहमदाबाद की फार्मा कंपनी Corona Remedies 8-10 दिसंबर को IPO लॉन्च करने जा रही है। ₹655 करोड़ का ऑफर-फॉर-सेल, ₹1,008-₹1,062 का प्राइस बैंड, और सिर्फ 20 साल में ₹5 लाख से ₹1,196 करोड़ का सफर – यह है Corona Remedies की शानदार कहानी।
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गुजरात की एक छोटी फार्मास्यूटिकल कंपनी अब देश के शीर्ष 30 दवा निर्माताओं में शुमार हो गई है। Corona Remedies का नाम ही इसकी यूनिकनेस बताता है – सूरज के सबसे ऊपरी हिस्से (Corona) से प्रेरित। यह कंपनी 8 दिसंबर से 10 दिसंबर तक IPO के लिए बिड खुलवाने जा रही है और शेयर मार्केट में अपना शानदार सफर शुरू करेगी।
Corona Remedies: एक सपने की शुरुआत
साल 2004 में जब निराव मेहता और उनके भाई अंकुर ने Corona Remedies की स्थापना की, तो उनके पास महज ₹5 लाख की पूंजी थी। निराव के अनुसार, उन्हें विदेश जाने का मन था, लेकिन माँ की जिद और अपने सपनों का साहस लेकर उन्होंने खुद का कारोबार शुरू किया। शुरुआती दिनों में समझ कम थी, लेकिन जोश बहुत ज्यादा था।
🏠 बैंक लोन न मिलने से वे अपने घर तक गिरवी रख गए। घर के सामान और निजी संपत्ति तक बेच डाली। लेकिन उनके इसी हौसले ने उन्हें सफलता तक पहुंचाया। 2013 में जब रेवेन्यू ₹100 करोड़ को पार कर गया, तब लगा कि मेहनत रंग ला रही है।
प्राइवेट इक्विटी के साथ तेजी का दौर
2016 में जब Corona का रेवेन्यू ₹200 करोड़ हो गया, तो Creador नाम की प्राइवेट इक्विटी फर्म ने 19.5% हिस्सेदारी के लिए ₹100 करोड़ का निवेश किया। यह निवेश Corona के लिए गेम-चेंजर साबित हुआ। कंपनी ने तेजी से अपने ऑपरेशंस को बढ़ाया और नई मार्केट में प्रवेश किया।
2021 में एक और बड़ा फेरबदल आया। ChrysCapital (एक दूसरी बड़ी PE फर्म) ने Creador के 19.5% शेयर खरीदे और कंपनी की वैल्यूएशन ₹2,500 करोड़ तक पहुंच गई। इस समय Corona का रेवेन्यू ₹600 करोड़ से ऊपर था और EBITDA ₹100 करोड़ था। Creador ने अपने निवेश पर 4 गुना रिटर्न कमाया – यह इन्वेस्टमेंट सक्सेस का सबसे बड़ा प्रमाण है।
आज का Corona Remedies कितना बड़ा है?
FY25 में Corona Remedies ने ₹1,196.4 करोड़ का रेवेन्यू जनरेट किया और ₹149.43 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया। कंपनी बिलकुल कर्जमुक्त (Debt-Free) है और नकद का प्रवाह लगातार बढ़ रहा है।
💊 Corona की ताकत महिलाओं के स्वास्थ्य, यूरोलॉजी, दर्द प्रबंधन और कार्डियो-डायबिटीज़ जैसे विशेष क्षेत्रों में है। उनके सभी घरेलू बिक्री 100% प्रिस्क्रिप्शन आधारित हैं, जिसका मतलब सब कुछ डॉक्टरों की सलाह पर मिलता है। निर्यात अभी सिर्फ 3.5% है, लेकिन यह जल्द बदलने वाला है।
IPO के जरिये अंतरराष्ट्रीय सड़कों की ओर
Corona IPO में 10.9% शेयर ऑफर कर रहा है – इसमें ChrysCapital 6.59% और कंपनी के संस्थापक 3.5% बेच रहे हैं। दिलचस्प बात यह है कि कंपनी नई पूंजी नहीं जुटा रही। IPO सिर्फ शेयर्स को सार्वजनिक करने के लिए है ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग Corona की सफलता का हिस्सा बन सकें।
हार्मोन फैसिलिटी: अगला बड़ा कदम
Corona ने अहमदाबाद में ₹120 करोड़ की हार्मोन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी बनाई है। लाइसेंस मिल चुका है और अभी वैलिडेशन प्रक्रिया चल रही है। Q2 या Q3 FY27 तक यह चालू हो जाएगी। इस फैसिलिटी से निर्यात में क्रांति आने वाली है – America और Japan को छोड़कर दुनियाभर में हार्मोन बेचने की योजना है।
R&D पर कंपनी की गंभीरता
Corona रेवेन्यू का 1-2% R&D पर खर्च कर रहा है। FY25 में R&D खर्च 18% तक बढ़ा है। यह दिखाता है कि भविष्य की दवाओं और समाधानों को लेकर कंपनी कितनी गंभीर है।
परिवार की विरासत का अगला पहलू
निराव की माँ को फैसला करना था – पारिवारिक शेयर बेचने हों या न बेचें। उन्होंने खुद ज्यादा बेचने का फैसला किया ताकि बेटों के शेयर सुरक्षित रहें। इस बार निराव की माँ और दोनों भाइयों की पत्नियों के शेयर बेचे जा रहे हैं।
Corona Remedies की यह IPO स्टोरी सिर्फ एक कंपनी की नहीं, बल्कि छोटे सपनों की शक्ति की गवाही है। 20 साल की मेहनत, आंसू, और समर्पण को शेयर मार्केट में नया आयाम मिलने वाला है।
यह खबर The Hindu Business Line और Economic Times के साक्षात्कार और रिपोर्ट्स पर आधारित है, जहाँ Corona Remedies के MD निराव मेहता ने कंपनी की पूरी यात्रा साझा की है। FAQ: Corona Remedies IPO से जुड़े सवाल
डिस्क्लेमर: यह लेख सूचना उद्देश्य के लिए है। निवेश से पहले विशेषज्ञ सलाह लें। बाजार जोखिमों के अधीन है। GMT News निवेश सलाह नहीं देता।
