बजाज फाइनेंस शेयर क्यों गिरे?

📱 बजाज फाइनेंस शेयर में गिरावट: AUM ग्रोथ गाइडेंस घटने का असर

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मुख्य खबर

बजाज फाइनेंस के शेयरों में मंगलवार की सुबह करीब 6.5% की तेज गिरावट दर्ज की गई। शेयर की कीमत सुबह के ट्रेडिंग सेशन में 1,015 रुपये तक लुढ़क गई। यह गिरावट कंपनी के FY26 AUM ग्रोथ गाइडेंस को कम करने के ऐलान के बाद आई। हालांकि Q2 FY26 के नतीजे बाजार की उम्मीदों पर खरे उतरे, लेकिन आने वाली तिमाहियों में धीमी विकास गति से निवेशक निराश नजर आ रहे हैं। 📉

Q2 के शानदार नतीजे

बजाज फाइनेंस के जुलाई-सितंबर तिमाही के परिणाम बेहद मजबूत रहे। मनीकंट्रोल के मुताबिक, कंपनी का समेकित शुद्ध लाभ 22% उछलकर 4,875 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। 💰

मुख्य आंकड़े देखें:

  • नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में 22% की तेजी आई, जो 10,785 करोड़ रुपये हो गई।
  • एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में सालाना 24% का इजाफा हुआ और यह 4.62 लाख करोड़ रुपये के स्तर को छू गया।
  • ग्राहक आधार बढ़कर 110.6 मिलियन हो गया, जिसमें इस तिमाही में 4.1 मिलियन नए ग्राहक जुड़े।

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, कोर प्रॉफिट में 24% की छलांग लगी है। 📈

गाइडेंस घटने का कारण और चिंताएं

समस्या यहीं से जन्म लेती है। बजाज फाइनेंस ने FY26 AUM ग्रोथ गाइडेंस को 22-23% तक नीचे धकेल दिया है। कंपनी ने SME और हाउसिंग सेगमेंट में सुस्ती का हवाला देते हुए यह फैसला लिया। इसके अलावा, NPAs में भी इजाफा हुआ है – ग्रॉस NPA पिछली तिमाही के 1.03% से बढ़कर 1.24% पर पहुंच गया। 📊

विश्लेषकों की राय और स्टॉक टारगेट

ब्रोकरेज फर्मों की रायें बंटी हुई हैं:

  • मॉर्गन स्टेनली ने ओवरवेट रेटिंग बरकरार रखी और 1,195 रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया। यह किसी भी शॉर्ट-टर्म कमजोरी को खरीदने का मौका मानती है।
  • HSBC ने बाय कॉल जारी रखी और टारगेट को 1,200 रुपये तक बढ़ाया। यह 28% EPS CAGR की संभावना पर भरोसा जताती है।
  • जेफरीज ने सबसे ऊंचा 1,270 रुपये का टारगेट रखा और बाय रेटिंग दी। इसका मानना है कि क्रेडिट कॉस्ट में कमी आएगी।
  • लेकिन बर्नस्टाइन सतर्क रुख अपनाए हुए है। इसने अंडरपरफॉर्म रेटिंग दी और 640 रुपये का टारगेट सेट किया, ऊंचे NPAs और स्केलिंग दबावों की चिंता जताते हुए। ⚠️

निष्कर्ष

कुल मिलाकर, बजाज फाइनेंस के नतीजे संतोषजनक हैं, मगर भविष्य की ग्रोथ में रफ्तार कम होने की आशंका बनी हुई है। ज्यादातर ब्रोकरेज लॉन्ग-टर्म में आशावादी हैं, लेकिन शॉर्ट-टर्म में उतार-चढ़ाव की गुंजाइश है। अधिक जानकारी के लिए बिजनेस सेक्शन देखें। 🎯 [Moneycontrol, Times of India]

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